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मौलाना आजाद रिसर्च सेंटर स्थापित करने का प्लान :- फिरोज बख्त अहमद



MANUU के चान्सलर फिरोज बख्त अहमद ने  इंजीनियर अफ्फान नोमानी के रिसर्च वर्क को सराहा 

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी,हैदराबाद  के चान्सलर फिरोज बख्त अहमद का रिसर्च स्कालर इंजीनियर अफ्फान नोमानी व शाहीन एजुकेशनल एन्ड रिसर्च फाउंडेशन के नुमाइंदों के बीच मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी ,हैदराबाद में अहम मीटिंग हुई। मीटिंग में पश्चिमी व भारतीय दर्शन, वर्तमान में राजनीतिक, धार्मिक व आर्थिक स्तर पर  भारतीय मुसलमानों की स्थिति पर चर्चा हुई। इंजीनियर अफ्फान नोमानी ने विज्ञान व दर्शनशास्त्र पर  शोध के आधार पर अपने विचार व्यक्त किया। चान्सलर फिरोज बख्त अहमद ने  इंजीनियर अफ्फान नोमानी के रिसर्च वर्क की सराहना करते हुए कहा कि आज की तारीख में मुस्लिम समाज से निकलें छात्रों को इस अहम विशेष पर शोध कार्य करने की बहुत ज्यादा जरूरत है। ग्रेजुएशन के बाद नौकरी करना ही काफी नहीं है बल्कि आगे की पढ़ाई व शोध कार्य  करना बहुत जरूरी है। बहुत खुशी की बात है कि अफ्फान नोमानी जैसे नौजवान इसमें दिलचस्पी ले रहे है। अगर हम थोड़ा परेशानी उठाकर शैक्षणिक स्तर पर मजबूत हो जाए तो यकीनन हम राजनीतिक, धार्मिक व आर्थिक स्तर पर मजबूत हो सकते हैं।

फिरोज बख्त अहमद ने अपने नए  एजेंडा का इजहार करते हुए कहा कि मेरा प्लान मार्डन मदरसा व मौलाना आजाद रिसर्च सेंटर स्थापित करने का है जो मेरे यह अहम एजेंडे में से एक हैं। मार्डन मदरसा का मकसद है छात्र इस्लामी शिक्षा के साथ दुनियावी शिक्षा में भी अव्वल दर्जा हासिल करें। मौलाना आजाद रिसर्च सेंटर  का मकसद यह है कि मौलाना आजाद के फलसफा व राष्ट्र हित में किए योगदान पर जो अहम कार्य सामने नहीं आ पाया है उसे दुनिया के सामने लाना है।
चान्सलर फिरोज बख्त अहमद ने वर्तमान में मुस्लिम से जुड़े मुद्दों पर रोशनी डालते हुए कहा कि मुस्लिम स्कालर व खासकर उलेमा को सोच समझकर धैर्य से बात करने की जरूरत है , जोशीले अन्दाज़ा में बात करने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है, इससे मसला हल होने के बजाय बिगड़ जाते हैं। यह बहुत अच्छी बात है कि कुछ उलेमा हजरात अपनी इल्म की बुनियाद पर सोच समझकर धैर्य से बात करते हैं और वो अपने काम को अच्छी तरह अन्जाम दे रहे है लेकिन यह काफी नहीं है।

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