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युवाओं व गरीब- मजलूमों की आवाज है कन्हैया कुमार : इंजीनियर अफ्फान नोमानी

इंजीनियर अफ्फान नोमानी           कन्हैया कुमार
शाहीन एजुकेशनल एन्ड रिसर्च फाउंडेशन के रिसर्च स्कालर व कॉम्प्रिहेंसिव फिजिकल साइंस के युवा लेखक इंजीनियर अफ्फान नोमानी ने कहा कि धर्म के आधार पर वैचारिक दृष्टिकोण से कन्हैया कुमार से आप सहमत व असहमत हो सकते है, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के संदर्भ में सही भी है और इसमें किसी को दिक्कत नहीं है लेकिन धर्म व जाति के आधार पर किसी उम्मीदवार का चुनाव करना यह असंवैधानिक है। 
वर्तमान में देश जिस मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहा है - जहाँ मोब लिंचिंग आम होता जा रहा है, गरीब- मजलूम की आवाज़ को दबाया जा रहा है, स्वतंत्र लिखने- बोलने वालों पर अन्कुश व भारतीय संविधान प्रणाली पर मनुवादी व्यवस्था को थोपने का जो प्रयास चल रहा है ऐसे हालात में सम्प्रदायिक शक्तियों के कट्टरपंथी , मनुवादी व सन्घ के सामन्तवादी विचारधारा के खिलाफ लड़ने वाले निडर व बेबाक युवा नेता कन्हैया कुमार का संसद में होना बहुत जरूरी है। कन्हैया कुमार चुकी एक गरीब परिवार से आते है जिन्होंने गरीबी, बेरोजगारी को काफी करीब से देखा है।  संसद में शिक्षा व रोज़गार पर गंभीरता से बात करने वाले कन्हैया कुमार जैसे युवा पीढ़ी के नेताओं का होना समय की आवश्यकता है। 
बेगूसराय की जनता के लिए यह बहुत बड़ा अवसर है कि वो एक भारतीय संविधान के अनुरूप धर्म व जाति से उपर उठ कर देश   के हित में समाज से जुड़े मूलभूत मुद्दों पर बात करने वाले कन्हैया कुमार को संसद में अपनी आवाज़ को बुलन्द करने के लिए एक मौका जरूर दे ।

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